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ओपन मैरिज: एक लड़की की कहानी जिसका पति चाहता है कि वो दूसरे लड़कों से संबंध बनाए, जानिए कैसे चलता है ये रिश्ता

समय बदल रहा है और बदलते समय के साथ रिश्ते का हर रूप भी बदल रहा है। रिश्तों में अब बंधन से ज्यादा खुलापन आ गया है। पहले शादी का मतलब होता था किसी एक का हो जाना और उसी का सारी जिंदगी बने रहना। आज भी काफी हद तक स्थिति ऐसी ही है लेकिन इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि धीरे धीरे ओपन मैरिज के कॉन्सेप्ट को भी बढ़ावा मिला है।

आपने अरेंज मैरिज, लव मैरिज, इंटरकास्ट मैरिज का नाम सुना होगा लेकिन ओपन मैरिज के बारे में हर कोई नहीं जानता। दरअसल ओपन मैरिज वो शादी होती है जिसमें पति पत्नी आपसी सहमति से एक दूसरे को अन्य व्यक्तियों के साथ संबंध बनाने की इजाजत दे देते हैं। हमारे समाज में ओपन मैरिज को लेकर लोगों के विचार एक जैसे नहीं है लेकिन ऐसी बहुत सी शादियों में ये देखा गया है। आपको एक लड़की की कहानी बताते हैं जिसने बताया कि ओपन मैरिज उसके लिए क्या है।

ओपन मैरिज की कहानी

लड़की अपनी कहानी कहती है- मैं एक शादी शुदा लड़की हूं और मेरी शादी को ज्यादा समय नहीं हुआ है लेकिन मैं एक ऐसे रिश्ते में हूं जिसमें प्यार के अलावा सबकुछ है। दरअसल मैं हमेशा से ही मॉडर्न ख्यालों वाली लड़की रहीं हूं। ये एक वजह भी है कि मेरी स्वतंत्रता और स्वयं निर्णय लेने की आदत ने मेरा व्यक्तित्व पूरी तरह से बदल दिया। दरअसल मेरे माता पिता ने कभी मुझ पर अपने सख्त फैसले और तरीके थोपने की कोशिश नहीं की है। उन्होंने हमेशा मुझे वही करने दिया जो मैं करना चाहती हूं। मुझे इसी चीज की अपने पति से भी उम्मीद थी और इसलिए मैंने अपने लिए एक ऐसा ही लड़का चुना जिसका नाम अविनाश है।

मैं बहुत से लड़कों से मिली थी लेकिन अविनाश उन सबमें सबसे अलग था। वो बहुत ही शांत किस्म का इंसान है। उसे ज्यादा बातें पसंद नहीं इसलिए जब हम शादी की बात को आगे बढ़ाने के लिए पहली बार मिले तो उन्होंने मुझसे साफ तौर पर कहा कि वो चाहते हैं कि मैं अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जिऊं। उन्हें मुझसे कोई उम्मीद नहीं है। मुझे अपने लिए ऐसा ही पति चाहिए था इसलिए मैंने इस रिश्ते के लिए हां कह दी। मुझे ऐसा ही लड़का चाहिए था जो मुझे ज्यादा रोके टोके ना।

हमने एक दूसरे को अच्छी तरीके से जाना और फिर शादी कर ली। शादी के बाद कभी भी हमारे बीच कोई रोमांटिक भावना नहीं आ पाई। जब भी हम साथ होते हैं तब भी एक दूसरे के साथ बहुत ही सहज और सुरक्षित महसूस करते हैं। शादी के बाद अविनाश ने मुझे कभी ये महसूस नहीं करवाआ कि हमारे रिश्ते में कोई सीमा है जिसका मुझे पालन करना हो। हमारे बीच कभी फिजिकल इंटीमेसी भी नहीं रही।

किसी से भी संबंध बनाने की आजादी

मैं भी इस तरह की शादी में खुश हूं क्योंकि प्यार मेरे लिए इतना जरूरी नहीं है। मुझे अपना जीवन बिताने के लिए किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत नहीं है जिसे में बहुत प्यार करती हूं। मुझे केवल एक ऐसे व्यक्ति का साथ चाहिए था जो मुझे मूल रूप से समझ सके। अविनाश मेरे लिए ऐसा ही इंसान था। उसने मुझसे कहा था कि हमारे परिवार को लोगों को इस बारे में कभी नहीं पता चलना चाहिए।

किसी को इस बात का शक ना हो इसलिए हम पार्टी का भी आयोजन करते थे जहां हम कपल की तरह बिहेव करते थे। हम सोशल मीडिया पर एक दूसरे के लिए प्यार भरे पोस्ट भी करते हैं ताकी दुनिया को लगे कि हम एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं। हम साथ में वेकेशन भी प्लान करते हैं। पिछले साल हम दोनों मियामी गए थे जहां हमने साथ में अच्छा समय बिताया था। आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन अविनाश को मेरे दूसरे मर्दों के साथ रिश्ते बनाने को लेकर कोई परहेज नहीं है। ऐसा करने पर वो खुश होता है। वो चाहता है कि मैं अन्य लोगों से बात करुं इसलिए वो मुझे दूसरे लोगों से मिलवाता भी है। वो चाहता है कि बस इस बारे में किसी को पता ना चले। मैं भी यही चाहती हूं कि हम दोनों पर कोई सवाल ना उठा सके। जब तक हम दोनों खुश हैं इस रिश्ते में कुछ भी गलत नहीं है।

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