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Video : परफ्यूम एड ने की बेहूदगी की सारी हदें पार, भड़के बॉलीवुड के यह सुपरस्टार जम कर लगाई फटकार

टीवी पर एड्स यानी कई तरह के विज्ञापन दिखाए जाते हैं जिनसे दर्शकों को अलग अलग ब्रैंड्स और सामानों के बारे में पता चलता है। हालांकि अगर एड्स क्रिएटिव ना हो तो फिर दर्शकों को वो याद नहीं रहेंगे और ना ही वो उन पर ध्यान देंगे। अब इसी क्रिएटिविटी के चलते एक ऐसा एड बना दिया गया है जिसे देखकर सिर्फ लोगों का ही नहीं बल्कि सेलेब्स का गुस्सा भी फूट पड़ा है। इतना ही नहीं सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने ट्वीटर और यूट्यूब को एक लेटर लिखकर इस एड को हटाने की बात कही हैं।

परफ्यूम पर बने इस एड के सामने आने के साथ से सोशल मीडिया यूजर्स ने इसकी बुरी तरह आलोचना की। यूजर्स का कहना है कि परफ्यूम का ये एड गैंगरेप की संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है। अभिनेता फरहान अख्तर, ऋचा चड्ढा और स्वरा भास्कर ने भी इस विज्ञापन पर आक्रोश जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसका विरोध जताते हुए लिखा कि ये विज्ञापन महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा को बढ़ावा देता है।

परफ्यूम एड पर फूटा सेलेब्स का गुस्सा

फरहान अख्तर ने लिखा- बेस्वाद विज्ञापनों से जुड़े लोगों को शर्म आनी चाहिए। इन बदबूदार बॉडी स्प्रे सामूहिक बलात्कार के सहज विज्ञापनों को सोचने, उसके लिए हां करने और बनाने के लिए एक विकृत दिमाग की जरूरत होती है। बेहद ही शर्मनाक। फरहान अख्तर के अलावा ऋचा चड्ढा ने भी इस पर नाराजगी जाहिर की है। ऋचा ने लिखा- विज्ञापन लाने वाले ब्रैंड और एजेंसी दोनों पर उस गंदगी के लिए मुकदमा चलाया जाना चाहिए जो वो परोस रहे हैं। ये विज्ञापन कोई दुर्घटना नहीं है। एक विज्ञापन बनाने के लिए कोई ब्रैंड फैसला करने के लिए कई लेवल को पार करता है। क्रिएटिव, स्क्रिप्ट, एजेंसी, क्लाइंट, क्या हर कोई सोचता है कि ये एक मजाक है।

वहीं बेबाक और बिंदास अंदाज वाली अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हैदराबाद सामूहिक बलात्कार घटना का जिक्र करते हुए लिखा कि ये कितना खराब है। गायिका सोना महापात्रा ने भी लिखा कि- इसकी थीम सामूहिक बलात्कार। मैंने इसे अपने ट्विटर की टाइमलाइन पर देखा और सोच रही थी कि ये कितना गलत है।

सोशल मीडिया पर भी जमकर हो रही आलोचना

वहीं सोशल मीडिया यूजर्स ने भी विज्ञापन बनाने वालों को जमकर लताड़ लगाई। एक यूजर ने लिखा- विज्ञापन बनाने के लिए भी कुछ नियम कानून होने चाहिए। ये परफ्यूम का एड बेहद ही खराब है। एड देखते हुए मुझे पता था कि ऐसा कुछ नहीं होगा लेकिन एक सेकेंड के लिए मुझे भी डर लग गया। सोचिए कि लाखों महिलाओं के डर पर ऐसा एड बनाना कितना खराब है। एक अन्य यूजर ने लिखा कि- जिसने भी ये एड बनाया है उससे उनकी मानसिकता झलकती है।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने ट्विटर और यूट्यूब को भेजे पत्र में कहा कि भारतीय विज्ञापन मानक परिषद ने भी संबंधित वीडियो को अपने दिशा-निर्देशों के खिलाफ पाया है। एएससीआई ने विज्ञापनदाता को संबंधित विज्ञापन को तत्काल वापस लेने का निर्देश दिया है। वहीं दिल्ली महिला आयोग ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर को पत्र लिखकर इस विज्ञापन को हटाए जाने की मांग की है।



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